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mahabharat 13.10.d1: नरेश्वर! ब्राह्मण को कभी शूद्र को उपदेश नहीं देना चाहिए; क्योंकि उपदेश देने वाला ब्राह्मण स्वयं संकट में पड़ जाता है।   |   mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.10.d1 
(वर्जयेदुपदेशं च सदैव ब्राह्मणो नृप।
उपदेशं हि कुर्वाणो द्विज: कृच्छ्रमवाप्नुयात्।
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! ब्राह्मण को कभी शूद्र को उपदेश नहीं देना चाहिए; क्योंकि उपदेश देने वाला ब्राह्मण स्वयं संकट में पड़ जाता है।
 
Nareshwar! A Brahmin should never give advice to a Shudra; Because the Brahmin who preaches himself gets into trouble.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)