वक्तव्यमिह पृष्टेन विनिश्चित्य विनिश्चयम्।
स चोपदेश: कर्तव्यो येन धर्ममवाप्नुयात्॥ ७४॥
अनुवाद
यहाँ जब कोई पूछे तो सोच-समझकर शास्त्रों के सिद्धान्त ही बताने चाहिए और धर्मप्राप्ति में सहायक बातों का ही उपदेश करना चाहिए ॥74॥
Here, when someone asks, one should think carefully and tell only the principles of the scriptures and should preach only those things which help in attaining religion. 74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥