Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.10.67: नृपशिरोमणे! इस प्रकार शूद्र को उपदेश देने के कारण ऋषि महान् संकट में पड़ गए; अतः ब्राह्मण को नीच जाति के व्यक्ति को उपदेश नहीं देना चाहिए ॥67॥ | mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं प्राप्तो महत्कृच्छ्रमृषि: सन्नृपसत्तम।
ब्राह्मणेन न वक्तव्यं तस्माद् वर्णावरे जने॥ ६७॥
अनुवाद
नृपशिरोमणे! इस प्रकार शूद्र को उपदेश देने के कारण ऋषि महान् संकट में पड़ गए; अतः ब्राह्मण को नीच जाति के व्यक्ति को उपदेश नहीं देना चाहिए ॥67॥
Nripashiromane! In this way the sage fell into great trouble because of giving advice to Shudra; Therefore, a Brahmin should not give advice to a person of low caste. 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥