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mahabharat 13.10.66: तत्पश्चात् परम सिद्धि प्राप्त करके वे ब्राह्मणदेव उस आश्रम में रहने वाले समस्त भक्तों के लिए पूजनीय हो गए ॥66॥   |   mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.10.66 
तत: सिद्धिं परां प्राप्तो ब्राह्मणो राजसत्तम।
सम्मतश्चाभवत् तेषामाश्रमे तन्निवासिनाम्॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परम सिद्धि प्राप्त करके वे ब्राह्मणदेव उस आश्रम में रहने वाले समस्त भक्तों के लिए पूजनीय हो गए ॥66॥
 
The best! After that, after attaining supreme accomplishment, that Brahmin god became respectable for all the devotees living in that ashram. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)