Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.10.63: भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! तत्पश्चात राजा से विदा लेकर पुरोहित ने अनेक ब्राह्मणों को अनेक प्रकार के दान दिये। साथ ही धन, भूमि और ग्राम भी वितरित किये। | mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! तत्पश्चात राजा से विदा लेकर पुरोहित ने अनेक ब्राह्मणों को अनेक प्रकार के दान दिये। साथ ही धन, भूमि और ग्राम भी वितरित किये।
Bhishmaji says - Yudhishthira! Thereafter, after taking leave from the king, the priest gave many types of donations to many Brahmins. He also distributed wealth, land and villages.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥