Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.10.60: मैं इस उथल-पुथल से बहुत दुःखी हूँ और इसी कारण मेरा मन व्यथित रहता है। मुझे अपने और तुम्हारे पूर्वजन्मों की बातें याद आ रही हैं; इसीलिए मैं तुम्हारी ओर देखकर मुस्कुरा रहा हूँ। | mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं इस उथल-पुथल से बहुत दुःखी हूँ और इसी कारण मेरा मन व्यथित रहता है। मुझे अपने और तुम्हारे पूर्वजन्मों की बातें याद आ रही हैं; इसीलिए मैं तुम्हारी ओर देखकर मुस्कुरा रहा हूँ।
I am very saddened by this upheaval that has happened and this is why my mind remains upset. I remember the things of my and your previous births; that is why I smile looking at you. 60.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥