Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.99.17: जैसे पुत्र सदैव अपने पिता पर निर्भर रहता है, वैसे ही यह सारा संसार वीर पुरुष की भुजाओं पर टिका हुआ है; इसलिए वीर पुरुष सभी परिस्थितियों में सम्मान के योग्य है ॥17॥ | mahabharat अध्याय 12.99: शूरवीरोंको स्वर्ग और कायरोंको नरककी प्राप्तिके विषयमें मिथिलेश्वर जनकका इतिहास । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे पुत्र सदैव अपने पिता पर निर्भर रहता है, वैसे ही यह सारा संसार वीर पुरुष की भुजाओं पर टिका हुआ है; इसलिए वीर पुरुष सभी परिस्थितियों में सम्मान के योग्य है ॥17॥
Just as a son always depends on his father, similarly this whole world rests on the arms of a brave man; therefore a brave man is worthy of being respected in all circumstances. ॥17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥