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mahabharat 12.99.10: जो राजा इस प्रकार सेना बनाता है, वह सदैव शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है; इसलिए हे युधिष्ठिर, तुम भी सदैव इसी प्रकार सेना बनाकर युद्ध करो॥10॥   |   mahabharat अध्याय 12.99: शूरवीरोंको स्वर्ग और कायरोंको नरककी प्राप्तिके विषयमें मिथिलेश्वर जनकका इतिहास   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.99.10 
य एवं व्यूहते राजा स नित्यं जयति द्विष:।
तस्मादेवं विधातव्यं नित्यमेव युधिष्ठिर॥ १०॥
 
 
अनुवाद
जो राजा इस प्रकार सेना बनाता है, वह सदैव शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है; इसलिए हे युधिष्ठिर, तुम भी सदैव इसी प्रकार सेना बनाकर युद्ध करो॥10॥
 
A king who forms his army in this manner always wins over his enemies; therefore, Yudhishthira, you too should always form a battle formation in this manner.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)