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य एवं व्यूहते राजा स नित्यं जयति द्विष:।
तस्मादेवं विधातव्यं नित्यमेव युधिष्ठिर॥ १०॥
अनुवाद
जो राजा इस प्रकार सेना बनाता है, वह सदैव शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है; इसलिए हे युधिष्ठिर, तुम भी सदैव इसी प्रकार सेना बनाकर युद्ध करो॥10॥
A king who forms his army in this manner always wins over his enemies; therefore, Yudhishthira, you too should always form a battle formation in this manner.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥