Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.98.d26: इन्द्र कहते हैं - राजन! तत्पश्चात् सुदेव ने उस रथ से समस्त दैत्यों को परास्त करके बंदी लोगों को बंधन से मुक्त कराया और समस्त शत्रुओं का संहार करके स्वयं भी वियम् के साथ युद्ध करते हुए मारा गया और उस युद्ध में वियम् का भी वध कर दिया। | mahabharat अध्याय 12.98: इन्द्र और अम्बरीषके संवादमें नदी और यज्ञके रूपकोंका वर्णन तथा समरभूमिमें जूझते हुए मारे जानेवाले शूरवीरोंको उत्तम लोकोंकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र उवाच
स जित्वा राक्षसान् सर्वान् कृत्वा बन्दीविमोक्षणम्।
घातयित्वा च तान् सर्वान् बाहुयुद्धेत्वयं हत:।
वियमं प्राप्य भूपाल वियमश्च निपातित:॥ )
अनुवाद
इन्द्र कहते हैं - राजन! तत्पश्चात् सुदेव ने उस रथ से समस्त दैत्यों को परास्त करके बंदी लोगों को बंधन से मुक्त कराया और समस्त शत्रुओं का संहार करके स्वयं भी वियम् के साथ युद्ध करते हुए मारा गया और उस युद्ध में वियम् का भी वध कर दिया।
Indra says – King! After that, Sudev defeated all the demons with that chariot and freed the captive people from bondage and after killing all the enemies, he himself was killed while fighting with Viyam, and he also killed Viyam in that war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥