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शक्र उवाच
यदनेन कृतं कर्म प्रत्यक्षं ते महीपते॥
पुरा पालयत: सम्यक् पृथिवीं धर्मतो नृप।
अनुवाद
इन्द्र बोले, 'हे पृथ्वी के स्वामी! हे मनुष्यों के स्वामी! पूर्वकाल में जब आप धर्मानुसार इस पृथ्वी पर शासन करते थे, तब आपने सुदेव का पराक्रम अपनी आँखों से देखा था।
Indra said, 'Lord of the Earth! O Lord of men! In the past, when you were ruling this earth according to the Dharma, you had seen with your own eyes the valour displayed by Sudeva.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥