Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.98.30-31h: जो पुरुष विजय के लिए दृढ़ संकल्प और दृढ़ निश्चय के साथ शत्रु की सेना में प्रवेश करता है, तथा किसी अन्य सहायता पर निर्भर नहीं रहता, वह मेरे समान लोकों को प्राप्त करता है। | mahabharat अध्याय 12.98: इन्द्र और अम्बरीषके संवादमें नदी और यज्ञके रूपकोंका वर्णन तथा समरभूमिमें जूझते हुए मारे जानेवाले शूरवीरोंको उत्तम लोकोंकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो पुरुष विजय के लिए दृढ़ संकल्प और दृढ़ निश्चय के साथ शत्रु की सेना में प्रवेश करता है, तथा किसी अन्य सहायता पर निर्भर नहीं रहता, वह मेरे समान लोकों को प्राप्त करता है।
He who enters the enemy's army with determination and determination for victory, and does not depend on any other help, attains worlds like mine.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥