Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.98.16: सियार, गिद्ध, कौवे और अन्य मांसाहारी पक्षी पूजास्थान के सदस्य हैं, जो बचा हुआ घी (रक्त) पीते हैं और यज्ञ में अर्पित मांस खाते हैं॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.98: इन्द्र और अम्बरीषके संवादमें नदी और यज्ञके रूपकोंका वर्णन तथा समरभूमिमें जूझते हुए मारे जानेवाले शूरवीरोंको उत्तम लोकोंकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सियार, गिद्ध, कौवे और अन्य मांसाहारी पक्षी पूजास्थान के सदस्य हैं, जो बचा हुआ घी (रक्त) पीते हैं और यज्ञ में अर्पित मांस खाते हैं॥16॥
Jackals, vultures, crows and other carnivorous birds are the members of the place of worship, who drink the leftover ghee (blood) and eat the meat offered in the sacrifice.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥