Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.98.13: प्रत्येक योद्धा जो कवच धारण करके युद्ध में दीक्षा लेता है, सेना के अग्रभाग में जाता है और इस प्रकार युद्धयज्ञ करने का अधिकारी होता है, ऐसा मेरा दृढ़ मत है ॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.98: इन्द्र और अम्बरीषके संवादमें नदी और यज्ञके रूपकोंका वर्णन तथा समरभूमिमें जूझते हुए मारे जानेवाले शूरवीरोंको उत्तम लोकोंकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रत्येक योद्धा जो कवच धारण करके युद्ध में दीक्षा लेता है, सेना के अग्रभाग में जाता है और इस प्रकार युद्धयज्ञ करने का अधिकारी होता है, ऐसा मेरा दृढ़ मत है ॥13॥
Every warrior who wears armor and takes initiation in war, goes to the front of the army and is entitled to perform the war sacrifice in this manner. This is my firm opinion. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥