Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.97.19: वीर पुरुष अपने शत्रु की ओर शीघ्रता से बढ़ता है, जबकि डरपोक पुरुष पीठ फेरकर भाग जाता है। स्वर्ग के मार्ग पर पहुँचकर भी वह संकट के समय अपने सहायकों को अकेला छोड़ देता है॥19॥ | mahabharat अध्याय 12.97: शूरवीर क्षत्रियोंके कर्तव्यका तथा उनकी आत्मशुद्धि और सद्गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीर पुरुष अपने शत्रु की ओर शीघ्रता से बढ़ता है, जबकि डरपोक पुरुष पीठ फेरकर भाग जाता है। स्वर्ग के मार्ग पर पहुँचकर भी वह संकट के समय अपने सहायकों को अकेला छोड़ देता है॥19॥
A brave man advances swiftly towards his enemy while a timid man turns his back and runs away. Even after reaching the path of heaven, he leaves his helpers alone in that hour of crisis.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥