Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.95.5: यदि उस देश का क्षत्रिय निहत्था हो और अपनी रक्षा करने में सर्वथा असमर्थ अनुभव करता हो, तो क्षत्रियेतर व्यक्ति भी देश की रक्षा के लिए शस्त्र उठा सकता है ॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.95: विजयाभिलाषी राजाके धर्मानुकूल बर्ताव तथा युद्धनीतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि उस देश का क्षत्रिय निहत्था हो और अपनी रक्षा करने में सर्वथा असमर्थ अनुभव करता हो, तो क्षत्रियेतर व्यक्ति भी देश की रक्षा के लिए शस्त्र उठा सकता है ॥5॥
If the Kshatriya of that country is unarmed and feels completely incapable of defending himself, then even a non-Kshatriya person can take up arms to defend the country. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥