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श्लोक  12.94.d3 
(राष्ट्रकर्मकरा ह्येते राष्ट्रस्य च विरोधिन:।
दुर्विनीता विनीताश्च सर्वे साध्या: प्रयत्नत:॥
 
 
अनुवाद
इन शहरों और ज़िलों के लोग राष्ट्र के मिशन में मदद करने वाले भी हैं और विरोध करने वाले भी। वे अहंकारी भी हैं और विनम्र भी। हमें उन्हें अपने वश में करने का प्रयास करना चाहिए।
 
The people of these cities and districts are those who help the nation in its mission and those who oppose it. They are also arrogant and humble. We should try to bring them under our control.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)