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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 94: वामदेवके उपदेशमें राजा और राज्यके लिये हितकर बर्ताव  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  12.94.5 
पौरजानपदा यस्य भूतेषु च दयालव:।
सधना धान्यवन्तश्च दृढमूल: स पार्थिव:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
जिस राजा के नगर और जिले के लोग सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयालु होते हैं और धन और समृद्धि से संपन्न होते हैं, उसकी जड़ें मजबूत मानी जाती हैं।
 
The king in whose city and district the people are kind to all living creatures and are blessed with wealth and prosperity is considered to have strong roots.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)