Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.94.10: बुद्धिमान राजा को कभी भी वह काम नहीं करना चाहिए जिसे श्रेष्ठ पुरुष बुरा मानते हों। उसे वही करना चाहिए जो सबके लिए हितकर हो।   |   mahabharat अध्याय 12.94: वामदेवके उपदेशमें राजा और राज्यके लिये हितकर बर्ताव   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 94: वामदेवके उपदेशमें राजा और राज्यके लिये हितकर बर्ताव  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.94.10 
यदार्यजनविद्विष्टं कर्म तन्नाचरेद् बुध:।
यत् कल्याणमभिध्यायेत् तत्रात्मानं नियोजयेत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान राजा को कभी भी वह काम नहीं करना चाहिए जिसे श्रेष्ठ पुरुष बुरा मानते हों। उसे वही करना चाहिए जो सबके लिए हितकर हो।
 
A wise king should never do that which is considered bad by the best men. He should engage himself in that which he considers beneficial for everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)