Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.94.1: वामदेव कहते हैं - हे मनुष्यों के स्वामी! राजा को चाहिए कि वह पहले युद्ध के अतिरिक्त किसी अन्य उपाय से अपनी विजय को बढ़ाने का प्रयत्न करे; युद्ध से प्राप्त विजय निम्न कोटि की कही जाती है॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.94: वामदेवके उपदेशमें राजा और राज्यके लिये हितकर बर्ताव । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वामदेव कहते हैं - हे मनुष्यों के स्वामी! राजा को चाहिए कि वह पहले युद्ध के अतिरिक्त किसी अन्य उपाय से अपनी विजय को बढ़ाने का प्रयत्न करे; युद्ध से प्राप्त विजय निम्न कोटि की कही जाती है॥1॥
Vaamdev says - O Lord of men! The king should first try to increase his victory by some means other than war; the victory obtained through war is said to be of a low order.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥