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मुख्यानमात्यान् यो हित्वा निहीनान् कुरुते प्रियान्।
स वै व्यसनमासाद्य गाधमार्तो न विन्दति॥ ३२॥
अनुवाद
जो अपने मुख्य मंत्रियों को त्यागकर निम्न श्रेणी के लोगों को अपना प्रिय बना लेता है, वह संकटों के गहरे समुद्र में गिरता है और उसे पीड़ा होती है तथा वह कहीं भी आश्रय नहीं पाता।
He who abandons his chief ministers and makes men of a lower order his favourites, falls into a deep sea of troubles and is tormented and cannot find shelter anywhere.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥