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mahabharat 12.93.25: जिस राजा की ये सभी वस्तुएँ गुप्त या सुरक्षित रहती हैं, वह सभी राजाओं में श्रेष्ठ माना जाता है। जो राजा सदैव इनकी रक्षा में लगा रहता है, वही इस पृथ्वी की रक्षा कर सकता है।   |   mahabharat अध्याय 12.93: वामदेवजीके द्वारा राजोचित बर्तावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 93: वामदेवजीके द्वारा राजोचित बर्तावका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.93.25 
एतानि यस्य गुप्तानि स राजा राजसत्तम:।
सततं वर्तमानोऽत्र राजा धत्ते महीमिमाम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
जिस राजा की ये सभी वस्तुएँ गुप्त या सुरक्षित रहती हैं, वह सभी राजाओं में श्रेष्ठ माना जाता है। जो राजा सदैव इनकी रक्षा में लगा रहता है, वही इस पृथ्वी की रक्षा कर सकता है।
 
The king whose all these things remain secret or safe is considered the best among all kings. Only the king who is always engaged in their protection can protect this earth. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)