वामदेव उवाच
धर्ममेवानुवर्तस्व न धर्माद् विद्यते परम्।
धर्मे स्थिता हि राजानो जयन्ति पृथिवीमिमाम्॥ ६॥
अनुवाद
वामदेवजी बोले - हे राजन! आपको धर्म का ही पालन करना चाहिए। धर्म से बढ़कर कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है; क्योंकि धर्म में दृढ़ रहने वाले राजा सम्पूर्ण जगत को जीत लेते हैं।
Vaamdevji said-O King! You should follow Dharma only. There is nothing better than Dharma; because the kings who remain steadfast in Dharma conquer the whole world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥