Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.92.16: जो मूर्ख राजा पाप करता है, परन्तु बुद्धि से अपने को पापी नहीं मानता, वह इस लोक में अपकीर्ति से अपमानित होता है और परलोक में नरक में जाता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.92: राजाके धर्मपूर्वक आचारके विषयमें वामदेवजीका वसुमनाको उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ पापकृतं बुद्धॺा न च पश्यत्यबुद्धिमान्।
अकीर्त्याभिसमायुक्तो भूयो नरकमश्नुते॥ १६॥
अनुवाद
जो मूर्ख राजा पाप करता है, परन्तु बुद्धि से अपने को पापी नहीं मानता, वह इस लोक में अपकीर्ति से अपमानित होता है और परलोक में नरक में जाता है ॥16॥
A foolish king who commits a sin but does not recognize himself as a sinner through his intellect, is disgraced with infamy in this world and goes to hell in the next. ॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥