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अथाददान: कल्याणमनसूयुर्जितेन्द्रिय:।
वर्धते मतिमान् राजा स्रोतोभिरिव सागर:॥ ११॥
अनुवाद
परंतु जो राजा कल्याणकारी गुणों को धारण करता है, अचिंत्य है, बलवान इन्द्रियों वाला है और बुद्धिमान है, वह उसी प्रकार बढ़ता है जैसे नदियों के प्रवाह से समुद्र बढ़ता है ॥11॥
But the king who embraces beneficial qualities, is unconcerned, has strong senses and is intelligent, grows in the same way as the ocean grows due to the flow of rivers. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥