Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.92.1: युधिष्ठिर ने पूछा - हे कौरव पितामह! यदि धर्मात्मा राजा धर्म में दृढ़ रहना चाहता है, तो उसे कैसा आचरण करना चाहिए? मैं आपसे यह पूछ रहा हूँ; कृपा करके मुझे बताइए॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.92: राजाके धर्मपूर्वक आचारके विषयमें वामदेवजीका वसुमनाको उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
कथं धर्मे स्थातुमिच्छन् राजा वर्तेत धार्मिक:।
पृच्छामि त्वां कुरुश्रेष्ठ तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हे कौरव पितामह! यदि धर्मात्मा राजा धर्म में दृढ़ रहना चाहता है, तो उसे कैसा आचरण करना चाहिए? मैं आपसे यह पूछ रहा हूँ; कृपा करके मुझे बताइए॥1॥
Yudhishthira asked - O great grandfather of Kurus! If a righteous king wants to remain steadfast in Dharma, then how should he behave? I am asking you this; please tell me.॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥