Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.91.9: राजा ही प्राणियों का सृजक (जीवनदाता) है और राजा ही उनका संहारक है। जो पुण्यात्मा है, वह प्रजा का जीवनदाता है और जो पापात्मा है, वह उनका संहारक है॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.91: उतथ्यके उपदेशमें धर्माचरणका महत्त्व और राजाके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजैव कर्ता भूतानां राजैव च विनाशक:।
धर्मात्मा य: स कर्तास्यादधर्मात्मा विनाशक:॥ ९॥
अनुवाद
राजा ही प्राणियों का सृजक (जीवनदाता) है और राजा ही उनका संहारक है। जो पुण्यात्मा है, वह प्रजा का जीवनदाता है और जो पापात्मा है, वह उनका संहारक है॥9॥
The king is the creator (giver of life) of the living beings and the king is their destroyer. The one who is virtuous is the giver of life to the people and the one who is sinful is their destroyer.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥