Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.91.34: जब राजा सम्पूर्ण राष्ट्र की रक्षा करता है, लुटेरों को मारकर भगाता है और युद्धों में विजयी होता है, तब ये सब राजा का कर्तव्य माना जाता है ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 12.91: उतथ्यके उपदेशमें धर्माचरणका महत्त्व और राजाके धर्मका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 91: उतथ्यके उपदेशमें धर्माचरणका महत्त्व और राजाके धर्मका वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  12.91.34 
यदा रक्षति राष्ट्राणि यदा दस्यूनपोहति।
यदा जयति संग्रामे स राज्ञो धर्म उच्यते॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
जब राजा सम्पूर्ण राष्ट्र की रक्षा करता है, लुटेरों को मारकर भगाता है और युद्धों में विजयी होता है, तब ये सब राजा का कर्तव्य माना जाता है ॥34॥
 
When the king protects the entire nation, kills and drives away robbers and is victorious in battles, then all this is considered the duty of a king. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)