Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.91.26: जब कोई विशाल वृक्ष बढ़ता है, तो अनेक जीव (पक्षी) आकर उस पर निवास करते हैं। और जब वह वृक्ष कट जाता है या जल जाता है, तो उस पर रहने वाले सभी जीव बेघर हो जाते हैं ॥26॥ | mahabharat अध्याय 12.91: उतथ्यके उपदेशमें धर्माचरणका महत्त्व और राजाके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महान् वृक्षो जायते वर्धते च
तं चैव भूतानि समाश्रयन्ति।
यदा वृक्षश्छिद्यते दह्यते च
तदाश्रया अनिकेता भवन्ति॥ २६॥
अनुवाद
जब कोई विशाल वृक्ष बढ़ता है, तो अनेक जीव (पक्षी) आकर उस पर निवास करते हैं। और जब वह वृक्ष कट जाता है या जल जाता है, तो उस पर रहने वाले सभी जीव बेघर हो जाते हैं ॥26॥
When a great tree grows, many creatures (birds) come and take up residence on it. And when that tree is cut down or burnt, all the creatures living on it become homeless. ॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥