ममेदमिति नैवैतत् साधूनां तात धर्मत:।
न वै व्यवस्था भवति यदा पापो न वार्यते॥ ९॥
अनुवाद
पिताश्री! यदि पाप करने की प्रवृत्ति पर अंकुश न लगाया जाए, तो सज्जन पुरुषों के लिए यह कहना असम्भव हो जाता है कि यह मेरी वस्तु है और उस समय कोई भी धर्म-व्यवस्था टिक नहीं सकती। ॥9॥
Father! If the tendency to commit sins is not curbed, it becomes impossible for noble men to say that this is my thing and at that time, no religious system can survive. ॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥