Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.90.40: जब दो मनुष्य मिलकर एक का धन छीन लेते हैं, जब बहुत से लोग मिलकर दो लोगों को लूट लेते हैं और जब कुंवारी कन्याओं के साथ बलात्कार होता है, तब इन सब अपराधों के लिए राजा को दोषी ठहराया जाता है ॥40॥ | mahabharat अध्याय 12.90: उतथ्यका मान्धाताको उपदेश—राजाके लिये धर्मपालनकी आवश्यकता । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब दो मनुष्य मिलकर एक का धन छीन लेते हैं, जब बहुत से लोग मिलकर दो लोगों को लूट लेते हैं और जब कुंवारी कन्याओं के साथ बलात्कार होता है, तब इन सब अपराधों के लिए राजा को दोषी ठहराया जाता है ॥40॥
When two men together snatch the possessions of one, when many together rob two people and when virgin girls are raped, then the king is blamed for all these crimes. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥