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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 90: उतथ्यका मान्धाताको उपदेश—राजाके लिये धर्मपालनकी आवश्यकता
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श्लोक 4
श्लोक
12.90.4
राजा चरति चेद् धर्मं देवत्वायैव कल्पते।
स चेदधर्मं चरति नरकायैव गच्छति॥ ४॥
अनुवाद
यदि राजा धर्मपूर्वक आचरण करता है तो वह देवता हो जाता है और यदि अधर्मपूर्वक आचरण करता है तो वह नरक में गिर जाता है ॥4॥
If the king behaves righteously, he becomes a god, and if he behaves unrighteously, he falls into hell. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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