Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.9.6: मैं सर्दी, गर्मी और हवा को सहन करूँगा, भूख, प्यास और परिश्रम को सहन करने का अभ्यास करूँगा, शास्त्रविधि के अनुसार तप द्वारा इस शरीर को सुखाता रहूँगा॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.9: युधिष्ठिरका वानप्रस्थ एवं संन्यासीके अनुसार जीवन व्यतीत करनेका निश्चय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं सर्दी, गर्मी और हवा को सहन करूँगा, भूख, प्यास और परिश्रम को सहन करने का अभ्यास करूँगा, शास्त्रविधि के अनुसार तप द्वारा इस शरीर को सुखाता रहूँगा॥6॥
I will tolerate cold, heat and wind, I will practice tolerating hunger, thirst and hard work, I will keep drying this body through penance as prescribed in the scriptures. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥