Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.9.36: आज बहुत समय के बाद मुझे यह ज्ञानरूपी अमृत प्राप्त हुआ है। इसे पाकर मैं अविनाशी, अपरिवर्तनशील और शाश्वत पद को प्राप्त करना चाहता हूँ॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 12.9: युधिष्ठिरका वानप्रस्थ एवं संन्यासीके अनुसार जीवन व्यतीत करनेका निश्चय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज बहुत समय के बाद मुझे यह ज्ञानरूपी अमृत प्राप्त हुआ है। इसे पाकर मैं अविनाशी, अपरिवर्तनशील और शाश्वत पद को प्राप्त करना चाहता हूँ॥ 36॥
Today, after a long time, I have received this nectar of wisdom. After receiving this, I want to achieve the imperishable, unchangeable and eternal state.॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥