vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 9: युधिष्ठिरका वानप्रस्थ एवं संन्यासीके अनुसार जीवन व्यतीत करनेका निश्चय
»
श्लोक 30
श्लोक
12.9.30
कुशलाकुशलान्येके कृत्वा कर्माणि मानवा:।
कार्यकारणसंश्लिष्टं स्वजनं नाम बिभ्रति॥ ३०॥
अनुवाद
कुछ लोग अच्छे-बुरे कर्म करके अपने उन रिश्तेदारों का साथ देते हैं जो किसी न किसी कारणवश उनसे जुड़े होते हैं।
Some people, by performing good and bad deeds, support their relatives who are associated with them due to some reason.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×