Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.9.16: मैं चारों प्रकार के जीव-जन्तुओं में से किसी को भी कष्ट नहीं दूँगा। मैं अपने-अपने धर्म में स्थित सभी लोगों और सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखूँगा।॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.9: युधिष्ठिरका वानप्रस्थ एवं संन्यासीके अनुसार जीवन व्यतीत करनेका निश्चय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं चारों प्रकार के जीव-जन्तुओं में से किसी को भी कष्ट नहीं दूँगा। मैं अपने-अपने धर्म में स्थित सभी लोगों और सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखूँगा।॥16॥
I will not harm any of the four kinds of living and non-living creatures. I will have equal respect for all the people and all living beings who are established in their respective religions.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥