श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 89: राजाके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.89.20 
युधिष्ठिर उवाच
तुल्यबाहुबलानां च तुल्यानां च गुणैरपि।
कथं स्यादधिक: कश्चित् स च भुञ्जीत मानवान्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, 'पितामह! जो लोग शारीरिक बल और गुणों में समान हैं, उनमें से कोई एक कैसे सबसे बड़ा हो जाता है और दूसरों पर शासन करने लगता है?'
 
Yudhishthira asked, 'Grandfather! Out of those who are equal in physical strength and qualities, how does one become the greatest and start ruling over all the others?'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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