Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.89.2: ब्राह्मणों के पास जो कुछ बच जाए, उसे दूसरे लोग अपने उपभोग के लिए उपयोग करें। ब्राह्मण का कोई अपराध न करे, अर्थात् उसे भोगने के लिए कुछ न दे और न ही किसी प्रकार उसका अपहरण करे॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.89: राजाके कर्तव्यका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणेभ्योऽतिरिक्तं च भुञ्जीरन्नितरे जना:।
न ब्राह्मणापराधेन हरेदन्य: कथंचन॥ २॥
अनुवाद
ब्राह्मणों के पास जो कुछ बच जाए, उसे दूसरे लोग अपने उपभोग के लिए उपयोग करें। ब्राह्मण का कोई अपराध न करे, अर्थात् उसे भोगने के लिए कुछ न दे और न ही किसी प्रकार उसका अपहरण करे॥ 2॥
Whatever is left over from the brahmins, let others use it for their own consumption. No one should commit an offence against a brahmin, i.e., by not giving him anything to enjoy, and no one should abduct him in any way.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥