Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.88.9: यदि तुम उन्हें एक साथ जोतकर उन पर भारी बोझ लादने का प्रयत्न करोगे, तो उन्हें नियंत्रित करना कठिन हो जाएगा; इसलिए उचित प्रयत्न के साथ उन्हें एक-एक करके जोतकर बोझ ढोने के लिए उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से वे सम्पूर्ण बोझ उठाने में समर्थ हो जाएँगे।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.88: प्रजासे कर लेने तथा कोश-संग्रह करनेका प्रकार । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सकृत्पाशावकीर्णास्ते न भविष्यन्ति दुर्दमा:।
उचितेनैव भोक्तव्यास्ते भविष्यन्ति यत्नत:॥ ९॥
अनुवाद
यदि तुम उन्हें एक साथ जोतकर उन पर भारी बोझ लादने का प्रयत्न करोगे, तो उन्हें नियंत्रित करना कठिन हो जाएगा; इसलिए उचित प्रयत्न के साथ उन्हें एक-एक करके जोतकर बोझ ढोने के लिए उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से वे सम्पूर्ण बोझ उठाने में समर्थ हो जाएँगे।॥9॥
If you try to yoke them together and load a heavy load on them, it will be difficult to control them; therefore, one should yoke them one by one with proper effort and use them for carrying the load. By doing so, they will become capable of carrying the entire load.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥