Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.88.12: राजा को चाहिए कि वह अपनी प्रजा पर परिस्थिति और समय के विपरीत करों का बोझ न डाले। समय के अनुसार प्रजा को समझाकर उचित रीति से कर वसूल करे। 12॥ | mahabharat अध्याय 12.88: प्रजासे कर लेने तथा कोश-संग्रह करनेका प्रकार । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न चास्थाने न चाकाले करांस्तेभ्यो निपातयेत्।
आनुपूर्व्येण सान्त्वेन यथाकालं यथाविधि॥ १२॥
अनुवाद
राजा को चाहिए कि वह अपनी प्रजा पर परिस्थिति और समय के विपरीत करों का बोझ न डाले। समय के अनुसार प्रजा को समझाकर उचित रीति से कर वसूल करे। 12॥
The king should not burden his subjects with taxes that are contrary to circumstances and time. According to the time, convince the people and collect taxes in a proper manner. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥