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mahabharat 12.87.30: जब यह भय दूर हो जाएगा, तब मैं तुम लोगों को सारा धन लौटा दूँगा। जो शत्रु आकर बलपूर्वक यहाँ से धन लूटेंगे, वे उसे कभी वापस नहीं करेंगे। 30.   |   mahabharat अध्याय 12.87: राष्ट्रकी रक्षा तथा वृद्धिके उपाय   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 87: राष्ट्रकी रक्षा तथा वृद्धिके उपाय  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  12.87.30 
प्रतिदास्ये च भवतां सर्वं चाहं भयक्षये।
नारय: प्रतिदास्यन्ति यद्धरेयुर्बलादित:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जब यह भय दूर हो जाएगा, तब मैं तुम लोगों को सारा धन लौटा दूँगा। जो शत्रु आकर बलपूर्वक यहाँ से धन लूटेंगे, वे उसे कभी वापस नहीं करेंगे। 30.
 
'When this fear is over, I will return all the wealth to you people. The enemies who come and loot the wealth from here by force will never return it. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)