Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.87.27-28: उसे लोगों से कहना चाहिए, 'सज्जनों! हमारे देश पर बड़ी विपत्ति आ पड़ी है। शत्रु के आक्रमण का बड़ा भय है। जिस प्रकार बाँस के वृक्ष पर फल गिरने से उसका विनाश हो जाता है, उसी प्रकार मेरे शत्रु अनेक लुटेरों के साथ मिलकर मेरे राष्ट्र को अपने विनाश के लिए कष्ट पहुँचाना चाहते हैं।' | mahabharat अध्याय 12.87: राष्ट्रकी रक्षा तथा वृद्धिके उपाय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे लोगों से कहना चाहिए, 'सज्जनों! हमारे देश पर बड़ी विपत्ति आ पड़ी है। शत्रु के आक्रमण का बड़ा भय है। जिस प्रकार बाँस के वृक्ष पर फल गिरने से उसका विनाश हो जाता है, उसी प्रकार मेरे शत्रु अनेक लुटेरों के साथ मिलकर मेरे राष्ट्र को अपने विनाश के लिए कष्ट पहुँचाना चाहते हैं।'
He should tell the people, 'Gentlemen! A great calamity has befallen our country. There is a great fear of enemy attack. Just as a fruit falling on a bamboo tree results in its destruction, in the same way my enemies, along with many robbers, want to harass my nation for their own destruction.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥