Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.87.14-15h: इसी प्रकार वस्तुओं के तैयार होने, उनके उपभोग तथा उत्तम-मध्यम आदि शिल्प श्रेणियों का बार-बार निरीक्षण करने के बाद शिल्प और शिल्पियों पर कर लगाया जाना चाहिए। | mahabharat अध्याय 12.87: राष्ट्रकी रक्षा तथा वृद्धिके उपाय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्पत्तिं दानवृत्तिं च शिल्पं सम्प्रेक्ष्य चासकृत्॥ १४॥
शिल्पं प्रति करानेवं शिल्पिन: प्रति कारयेत्।
अनुवाद
इसी प्रकार वस्तुओं के तैयार होने, उनके उपभोग तथा उत्तम-मध्यम आदि शिल्प श्रेणियों का बार-बार निरीक्षण करने के बाद शिल्प और शिल्पियों पर कर लगाया जाना चाहिए।
In the same way, after repeatedly inspecting the preparation of goods, their consumption, and the best-medium etc. categories of crafts, taxes should be imposed on crafts and craftsmen. 14 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥