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विक्रयं क्रयमध्वानं भक्तं च सपरिच्छदम्॥ १३॥
योगक्षेमं च सम्प्रेक्ष्य वणिजां कारयेत् करान्।
अनुवाद
राजा को चाहिए कि वह व्यापारियों पर माल के क्रय-विक्रय, माल की प्राप्ति का खर्च, व्यापार में लगे सेवकों के वेतन, बचत और कल्याण को ध्यान में रखकर कर लगाए ॥13 1/2॥
The king should levy taxes on traders after taking into account the purchase and sale of goods, the cost of procuring them, the salaries of the servants employed in the business, savings and welfare. ॥13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥