Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.86.31: उन सबको आदरपूर्वक आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करो। जैसे तुम्हें अपने राज्य के तपस्वियों का आदर करना चाहिए, वैसे ही तुम्हें अन्य राज्यों और वनों में रहने वाले तपस्वियों का भी आदर करना चाहिए॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.86: राजाके निवासयोग्य नगर एवं दुर्गका वर्णन, उसके लिये प्रजापालनसम्बन्धी व्यवहार तथा तपस्वीजनोंके समादरका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन सबको आदरपूर्वक आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करो। जैसे तुम्हें अपने राज्य के तपस्वियों का आदर करना चाहिए, वैसे ही तुम्हें अन्य राज्यों और वनों में रहने वाले तपस्वियों का भी आदर करना चाहिए॥31॥
Provide all of them with necessary things with respect and honour. Just as you should respect the ascetics of your own kingdom, similarly you should respect the ascetics living in other kingdoms and forests too.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥