Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.85.6: अतः आप मंत्रियों को जिस प्रकार व्यवस्थित करें, अर्थात् उनमें दुर्लभ शील और स्वभाव हो - यह मैं संक्षेप में बताने का प्रयत्न करूँगा ॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.85: राजाकी व्यावहारिक नीति, मन्त्रिमण्डलका संघटन, दण्डका औचित्य तथा दूत, द्वारपाल, शिरोरक्षक, मन्त्री और सेनापतिके गुण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः आप मंत्रियों को जिस प्रकार व्यवस्थित करें, अर्थात् उनमें दुर्लभ शील और स्वभाव हो - यह मैं संक्षेप में बताने का प्रयत्न करूँगा ॥6॥
Therefore, the manner in which you organize the ministers, that is, they should have a rare modesty and nature - I will try to explain this in brief. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥