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हे निष्पाप युधिष्ठिर! यही नीति का सिद्धांत मैंने तुम्हें बताया है। किसी पर भी पूर्ण विश्वास न करना राजाओं का सबसे गुप्त गुण कहा गया है।
Sinless Yudhishthira! This is the principle of ethics which I have told you. Not trusting anyone completely is said to be the most secret quality of kings.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि अमात्यविभागे पञ्चाशीतितमोऽध्याय:॥ ८५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें मन्त्रीविभागविषयक पचासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥