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विश्वासयेत् परांश्चैव विश्वसेच्च न कस्यचित्।
पुत्रेष्वपि हि राजेन्द्र विश्वासो न प्रशस्यते॥ ३३॥
अनुवाद
राजा को दूसरों पर विश्वास जगाना चाहिए, परन्तु स्वयं किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। हे राजन! अपने पुत्रों पर भी पूर्ण विश्वास करना अच्छा नहीं माना जाता। 33.
The king should inspire confidence in others but should not trust anyone himself. O King! It is not considered good to have complete faith even in one's own sons. 33.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥