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mahabharat 12.83.46: केवल वही व्यक्ति गुप्त परामर्श सुनने का अधिकारी है जिस पर नगर और क्षेत्र के लोग धार्मिक रूप से विश्वास करते हों तथा जो कुशल योद्धा और नीतिशास्त्र का विद्वान हो।   |   mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.83.46 
पौरजानपदा यस्मिन् विश्वासं धर्मतो गता:।
योद्धा नयविपश्चिच्च स मन्त्रं श्रोतुमर्हति॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
केवल वही व्यक्ति गुप्त परामर्श सुनने का अधिकारी है जिस पर नगर और क्षेत्र के लोग धार्मिक रूप से विश्वास करते हों तथा जो कुशल योद्धा और नीतिशास्त्र का विद्वान हो।
 
Only he who is religiously trusted by the people of the city and the region and who is a skilled warrior and a scholar of ethics, is entitled to listen to secret advice.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)