Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.43: जो सत्यवादी, शिष्ट, गंभीर, विनीत, स्वभाव से कोमल है और अपने पूर्वजों के समय से राजा की सेवा करता आया है, वह भी गुप्त मंत्रणा सुनने का अधिकारी है ॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो सत्यवादी, शिष्ट, गंभीर, विनीत, स्वभाव से कोमल है और अपने पूर्वजों के समय से राजा की सेवा करता आया है, वह भी गुप्त मंत्रणा सुनने का अधिकारी है ॥ 43॥
He who is truthful, well behaved, serious, modest, gentle by nature and has been serving the king since the time of his forefathers is also entitled to listen to secret advice. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥