Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.3-4h: भरतपुत्र युधिष्ठिर! तुम्हें यह इच्छा करनी चाहिए कि सभी मंत्री, श्रेष्ठ पराक्रमी पुरुष, विद्वान ब्राह्मण, पूर्ण संतुष्ट रहने वाले लोग और सभी कार्यों में उत्साही लोग विपत्ति के समय उनकी सहायता करें। | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतपुत्र युधिष्ठिर! तुम्हें यह इच्छा करनी चाहिए कि सभी मंत्री, श्रेष्ठ पराक्रमी पुरुष, विद्वान ब्राह्मण, पूर्ण संतुष्ट रहने वाले लोग और सभी कार्यों में उत्साही लोग विपत्ति के समय उनकी सहायता करें।
Bharata's son Yudhishthira! You should desire to make all the ministers, the most valiant men, the learned Brahmins, the people who are completely content and those who are enthusiastic about all works, help them in times of adversity. 3 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥